Akhilesh Yadav: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी बीच लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सुनील सिंह ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच संभावित गठबंधन और सीट बंटवारे को लेकर चर्चा हुई। मुलाकात के बाद क्या बोले सुनील सिंह? मुलाकात के बाद सुनील सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव ने उन्हें सम्मानजनक भागीदारी का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि लोकदल 2027 के चुनाव में अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने के लक्ष्य के साथ काम करेगा। साथ ही किसानों, ग्रामीणों, युवाओं और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को चुनावी एजेंडे में प्रमुखता देने की बात कही। सुनील सिंह के मुताबिक, किसान, गरीब, युवा और बेरोजगारी से जुड़े मुद्दों पर विपक्षी दलों के बीच एकजुटता है। उन्होंने कांग्रेस, सपा और लोकदल को INDIA गठबंधन का हिस्सा बताते हुए लोकतांत्रिक ताकतों के साथ आने की जरूरत बताई। 35 सीटों की मांग पर चर्चा बैठक में लोकदल की ओर से 35 विधानसभा सीटों की मांग का मुद्दा भी उठा। हालांकि सीटों का अंतिम बंटवारा अभी तय नहीं हुआ है। सुनील सिंह ने साफ किया कि इस मुद्दे पर बातचीत आगे भी जारी रहेगी।लोकदल की प्राथमिकता गठबंधन में सम्मानजनक हिस्सेदारी के साथ किसानों और आम जनता से जुड़े मुद्दों को चुनावी रणनीति में जगह दिलाने की है। पश्चिमी यूपी पर नजर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसान और जाट राजनीति को लेकर भी गठबंधन का यह समीकरण महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जयंत चौधरी की अगुवाई वाला RLD NDA के साथ है, जबकि लोकदल खुद को चौधरी चरण सिंह की राजनीतिक विरासत से जोड़ता रहा है। हाल के महीनों में लोकदल और विपक्षी दलों के बीच चुनावी रणनीति को लेकर बैठकें भी हुई हैं। सुनील सिंह ने RLD पर निशाना साधते हुए दावा किया कि चौधरी चरण सिंह की असली विरासत लोकदल के पास है। उन्होंने किसान आंदोलन का हवाला देते हुए जाट और किसान वोट को लेकर भी अपना पक्ष रखा। गठबंधन की तस्वीर अभी बाकी फिलहाल सपा और लोकदल के बीच बातचीत आगे बढ़ रही है, लेकिन सीटों का अंतिम फॉर्मूला सामने नहीं आया है। ऐसे में 35 सीटों की मांग पर क्या सहमति बनती है और पश्चिमी यूपी में इसका क्या असर पड़ता है, यह आने वाले दिनों में साफ होगा। उत्तर प्रदेश में 2027 चुनाव से पहले अलग-अलग दलों के बीच सीट शेयरिंग और गठबंधन को लेकर बैठकों का दौर जारी है। ये भी पढ़ें: निठारी कांड से बरी सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में मौत, चाय की दुकान पर फंदे पर लटका मिला शव